नोरोवायरस क्या है, लक्षण, ईलाज, बचाव (Norovirus Kya Hai in Hindi, Symptoms, Treatment)

नोरोवायरस क्या है, लक्षण, संक्रमण, प्रकोप, जानकारी, ईलाज, बचाव (Norovirus Kya Hai in Hindi) (Symptoms, Treatment, Prevention, Transmission, Vaccine, Incubation Period)

पूरी दुनिया में अभी कोरोनावायरस का कहर थमा नहीं है की इंडिया में कोरोनावायरस के नए नए मामले निकल कर सामने आ रहे हैं। हालांकि गवर्नमेंट ने काफी हद तक कोरोनावायरस के ऊपर कंट्रोल कर लिया है परंतु अब कोरोनावायरस के अलावा केरल में नोरोवायरस का मामला सामने आया है जिसके कारण केरल गवर्नमेंट की टेंशन और भी ज्यादा बढ़ गई है। अभी तक केरल में तकरीबन 13 लोग इससे पीड़ित बताए जा रहे हैं। ऐसे में आपको यह जानना अति आवश्यक होता है कि आखिर नोरोवायरस क्या है? और नोरोवायरस के लक्षण क्या है? तथा इससे बचाव कैसे किया जाए। इस आर्टिकल के द्वारा आपको नोरोवायरस के बारे में पूरी जानकारी दी जा रही है।

norovirus kya hai in hindi

नोरोवायरस क्या है (What is Norovirus)

नोरोवायरस एक पेट से संबंधित बीमारी है, जो सीधा व्यक्ति के डाइजेस्टिव सिस्टम और उसकी बॉडी के अंदर मौजूद आंतो पर इफेक्ट डालता है। वैसे तो इंसानों पर इस वायरस का ज्यादा खराब इफेक्ट नहीं देखा गया है परंतु बुजुर्ग व्यक्ति, छोटे बच्चों और दूसरे किसी बीमारी से परेशान लोगों के लिए यह वायरस खतरनाक साबित हो सकता है। नोरोवायरस का संक्रमण जानवरों के द्वारा इंसानों में फैलता है। यानी कि यह एक संक्रामक रोग है। हाल फिलहाल में केरल में यह वायरस फैला हुआ है और जिन 13 लोगों में यह वायरस पाया गया है वह सभी स्टूडेंट एक पशु मेडिकल कॉलेज में पढ़ते थे। अब केरल गवर्नमेंट के द्वारा एनिमल मेडिकल साइंस कॉलेज में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का एक डाटा भी क्रिएट किया जा रहा है।

नोरोवायरस कहां से आया है (Where does Norovirus Come From)

बता दें कि नोरोवायरस का सबसे पहला केस अमेरिका में आया था। हालांकि यह बात भी सच है कि अमेरिका में इस वायरस के इंफेक्शन के मामले ज्यादा थे परंतु इस वायरस को जानलेवा वायरस की कैटेगरी में नहीं माना गया। यह एक छोटा वायरस होता है।

नोरोवायरस के लक्षण (Norovirus Symptoms)

जैसा कि हमने आपको पहले ही बताया कि नोरोवायरस पेट से रिलेटेड एक बीमारी है और जो व्यक्ति इस बीमारी से पीड़ित होता है उस व्यक्ति के अंदर तेज पेट दर्द, लगातार दस्त, जी मिचलाना और उल्टी जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं। इसके अलावा जिन लोगों को काफी ज्यादा बुखार आता है या फिर जिनका लगातार सर दर्द करता है अथवा जिन लोगों का बदन भी दर्द करता है उन लोगों में भी यह समस्या हो सकती है।

सामान्य तौर पर जब कोई व्यक्ति इस वायरस की चपेट में आ जाता है तो इस वायरस का असर इस वायरस की चपेट में आने के तकरीबन 2 से 3 दिनों के बाद व्यक्ति में दिखाई देने लगता है।

जब कोई व्यक्ति इस बीमारी से परेशान हो जाता है तो उसे बार-बार उल्टी और दस्त होने लगती है और ऐसी अवस्था में उसकी बॉडी में पानी की मात्रा काफी ज्यादा कम हो जाती है जिसके कारण उसकी बॉडी धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है।

नोरोवायरस कैसे फैलता है (How is Norovirus Spread)

जानवरों के द्वारा इंसानों के अंदर यह वायरस फैलता है और फिर इंसान के द्वारा किसी दूसरे इंसान के अंदर भी यह वायरस फैलता है। इसके अलावा आपको बता दें कि, गंदे पानी के जरिए और खराब खाने के जरिए भी यह वायरस फैल रहा है।

जब कोई व्यक्ति इस वायरस से पीड़ित हो जाता है तो उसके द्वारा दूसरे इंसान में काफी तेजी से इस वायरस का इंफेक्शन फैल जाता है क्योंकि इस वायरस की समस्या से परेशान व्यक्ति नोरोवायरस के करोड़ों इन्फेक्शन फैला सकता है।

अगर कोई स्वस्थ्य व्यक्ति किसी भी प्रकार से इस वायरस से संक्रमित व्यक्ति के कांटेक्ट में आता है तो उस व्यक्ति को भी यह वायरस अपनी चपेट में ले लेता है। यहां तक कि आपको यह भी बता दें कि अगर संक्रमित व्यक्ति की टॉयलेट, उल्टी या फिर थूक के संपर्क में भी कोई दूसरा हेल्थी आदमी आता है तो उसे भी यह वायरस परेशान कर देता है।

नोरोवायरस का ईलाज (Norovirus Treatment)

  • गवर्नमेंट की गाइडलाइंस के अनुसार जो भी व्यक्ति नोरोवायरस से पीड़ित है उसे बाहर नहीं जाने के लिए कहा गया है और उसे अपने घर पर ही आराम करने की सलाह दी गई है।
  • नोरोवायरस इन्फेक्शन से परेशान व्यक्ति को ओआरएस का घोल पीना चाहिए।
  • इसके अलावा उसे दैनिक तौर पर पानी को उबालने के बाद ही पीना चाहिए ताकि उनकी बॉडी में पानी की कमी ना उत्पन्न होने पाए।
  • गवर्नमेंट की गाइडलाइंस के अनुसार पानी पीने से पहले उसमें क्लोरीन डालना भी बताया गया है।
  • इस वायरस से बचने के लिए व्यक्ति को टॉयलेट जाने के बाद अपने हाथों को अच्छे साबुन से धोना चाहिए। इसके अलावा बाहर से घर आने के बाद भी उसे अपने हाथों को साबुन से धोना चाहिए।
  • डॉक्टर की राय सलाह ले करके आप उचित एंटीबायोटिक दवाई भी ले सकते हैं।
  • खाने में आपको ऐसे भोजन का चयन करना है जो आसानी से आपकी बॉडी में जाने के बाद पच सके और आप को दस्त की समस्या उत्पन्न ना हो।

नोरोवायरस से बचाव कैसे करें (How to Prevent Norovirus)

  • जैसा कि हमने आपको ऊपर बताया कि यह वायरस जानवरों से इंसान में आया और इंसान में जब एक बार यह वायरस आ जाता है तो दूसरे इंसानों में भी यह काफी तेजी से फैलता है। इसीलिए इस वायरस से बचने के लिए आपको इस वायरस से पीड़ित व्यक्ति से दूरी बनाकर रखनी चाहिए।
  • इसके अलावा आपको अपने कपड़े या फिर अपने तोलिया को किसी भी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए नहीं देना चाहिए।
  • बाहर से घर आने के बाद अथवा किसी भी गंदी चीज को छूने के बाद आपको अपने हाथ को साबुन से अवश्य धोना चाहिए।
  • घर से बाहर किसी पब्लिक प्लेस पर जाने से पहले आपको अपने मुंह को अच्छी तरह से ढकना चाहिए क्योंकि पब्लिक प्लेस में भीड़भाड़ ज्यादा होने के कारण इस वायरस के फैलने की संभावना ज्यादा होती है।
  • आपको अपनी बॉडी की साफ सफाई पर विशेष ध्यान नोरोवायरस से बचने के लिए देना चाहिए।
  • इस वायरस से बचने के लिए आपको किसी भी दूसरे व्यक्ति का जूठा खाना नहीं खाना चाहिए।

FAQ

Q : केरल में नोरोवायरस से कितने लोग पीड़ित पाए गए हैं?

Ans : 13 लोग

Q : नोरोवायरस के फैलने का मुख्य कारण क्या है?

Ans : नोरोवायरस से पीड़ित व्यक्ति के संपर्क में आना।

Q : नोरोवायरस की उत्पत्ति कहां से हुई?

Ans : जानवर से

Q : नोरोवायरस से बचने के लिए क्या करें?

Ans : नोरोवायरस से बचने के लिए आपको क्या करना है इसकी डिटेल हमने आर्टिकल में दे रखी है।

Q : नोरोवायरस की वैक्सीन क्या है?

Ans : वर्तमान के टाइम में नोरोवायरस के लिए कोई भी लाइसेंसेड वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। हालांकि इसकी वैक्सीन बनाने के ऊपर वैज्ञानिक काम कर रहे हैं।

Q : नोरोवायरस की ट्रीटमेंट क्या है?

Ans : फिलहाल तो नोरोवायरस का कोई विशेष इलाज नहीं है। हालांकि हमने आपको आर्टिकल में कुछ बातें बताई हैं जिसका इस्तेमाल आप कर सकते हैं।

Q : नोरोवायरस का असर सबसे ज्यादा किसमें देखने को मिलता है?

Ans : बूढ़े लोग, बच्चे

Q : नोरोवायरस का इनक्यूबेशन पीरियड क्या है?

Ans : नोरोवायरस का इनक्यूबेशन पीरियड 12 घंटा से लेकर के 48 घंटे तक का है।

Similar articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here